परिसर एवं शैक्षणिक संरचना
संस्था का प्रांगण हरे-भरे मैदान पेड़-पौधों एवं पुष्पों से परिपूर्ण है। प्रांगण में स्थित यज्ञशाला वैदिक परम्परा को परिलक्षित करती है जिसमें निरन्तर यज्ञ, हवन, पूजन पाठ संचालित होते हैं। महाविद्यालय के सम्पूर्ण शिक्षण कक्ष एवं परिसर सुरक्षा की दृष्टि से आधुनिकतम सी०सी०टी०वी० कैमरों से युक्त है। महाविद्यालय में पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, कैण्टिन, शौचालय, खेलकूद का मैदान पार्किंग आदि की सुविधा उपलब्ध है।
संस्था के शैक्षणिक संरचना में प्रथमा, मध्यमा, शास्त्री, आचार्य कक्षाओं में प्राच्य पारम्परिक विषयों साहित्य एवं व्याकरण के साथ आधुनिक विषय हिन्दी, समाजशास्त्र, गृहविज्ञान, अंग्रेजी, कम्प्यूटर आदि विषयों का शिक्षण-प्रशिक्षण होता है। छात्र/छात्राओं में सामाजिक एवं राष्ट्रीय भावना को विकसित करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की ईकाई कार्यरत है। छात्राओं को स्वावलम्बी बनाने हेतु उषा सिविंग स्कूल नई दिल्ली द्वारा सिलाई प्रशिक्षण व सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाता है। संस्था में वर्ष 2006 से शिक्षाशास्त्री (बी०एड०) पाठ्यक्रम व वर्ष 2015 से बी०टी०सी० (डी०एल०एड०) व्यवसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संस्था में ज्योतिष एवं पंचांग निर्माण पाठ्यक्रम के अन्तर्गत सर्टिफिकेट डिप्लोमा व एडवांस डिप्लोमा प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे छात्र/छात्राओं में स्किलडवल्पमेण्ट (कौशल विकास) द्वारा स्वावलम्बी व रोजगार परक शैक्षिक विकास हो सके। संस्था के छात्र/छात्राओं में बहुआयामी प्रतिभा के विकास के लिए समय-समय पर जनपदीय प्रतियोगिताओं, खेल-कूद, निबन्ध, वाद-विवाद, अन्त्याक्षरी, रंगोली, मेहदी एवं संगीत, गीत गायन आदि में प्रतिभाग कराया जाता है